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Gigi speaker

ऑनलाइन टोन जनरेटर

फ़्रीक्वेंसी और वेवफ़ॉर्म चुनें, फिर प्ले दबाएँ। स्पीकर टेस्ट करने, इंस्ट्रूमेंट ट्यून करने, अपनी सुनने की रेंज जाँचने या अपनी क्लीनिंग टोन चलाने के काम आता है।

165Hz20 Hz से 20 kHz तक कोई भी फ़्रीक्वेंसी चुनें

60%

तैयार

इस्तेमाल कैसे करें

  1. 1स्लाइडर खिसकाएँ या Hz में फ़्रीक्वेंसी लिखें।
  2. 2वेवफ़ॉर्म चुनें। साइन सबसे साफ़ और सबसे नरम है।
  3. 3वॉल्यूम सेट करें और प्ले दबाएँ।
  4. 4चलते-चलते फ़्रीक्वेंसी बदलकर फ़र्क़ सुनें।

काम की फ़्रीक्वेंसी

  • 165 Hz: स्पीकर साफ़ करने की जानी-मानी टोन
  • 440 Hz: A4, ट्यूनिंग का स्टैंडर्ड सुर
  • 50 / 60 Hz: बिजली की भनभनाहट, ग्राउंड लूप ढूँढने के लिए
  • 1 kHz: ऑडियो लेवल की रेफ़रेंस टोन
  • 8 से 17 kHz: हियरिंग टेस्ट की रेंज

साइन, स्क्वेयर, ट्रायंगल या सॉटूथ?

साइन वेव एक शुद्ध फ़्रीक्वेंसी है। स्क्वेयर और सॉटूथ में तेज़ हार्मोनिक्स जुड़ते हैं: एक ही वॉल्यूम पर ये भनभनाती और ज़्यादा तेज़ लगती हैं, इसलिए बदलने से पहले वॉल्यूम कम करें। ट्रायंगल इन दोनों के बीच है।

लोग अक्सर पूछते हैं

स्पीकर से पानी कौन-सी फ़्रीक्वेंसी निकालती है?

150 से 250 Hz के बीच। पल्स के साथ अपने आप स्वीप के लिए पानी वाला मोड चलाएँ, या यहाँ साइन वेव पर 165 Hz सेट करें।

क्या यह कानों के लिए सुरक्षित है?

वॉल्यूम मध्यम रखें और 8 kHz से ऊपर तेज़ वॉल्यूम पर हेडफ़ोन न लगाएँ। असहज लगे तो तुरंत रोक दें।

कुछ फ़्रीक्वेंसी ज़्यादा तेज़ क्यों लगती हैं?

कान 2 से 5 kHz के बीच सबसे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं, और हर स्पीकर का अपना रिस्पॉन्स होता है। एक ही वॉल्यूम बहुत अलग सुनाई दे सकता है।

क्या टोन जनरेटर बिना इंटरनेट चलता है?

हाँ। पेज एक बार खुल जाए तो आवाज़ आपका डिवाइस ही बनाता है।